31 वर्षीय पीड़ित अपने परिवार के साथ रोहिणी इलाके में रहते हैं। वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। साइबर सेल को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया कि उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी गौरव मल्होत्रा बताया। गौरव ने पीड़ित को बताया कि उनका अश्लील वीडियो यूट्यूब पर चल रहा है। उसे जल्द से जल्द हटवा लें नहीं तो वह गिरफ्तार हो सकते हैं। यह सुनकर पीड़ित काफी डर गए और उन्होंने कहा कि उनके पास यूट्यूब का नंबर नहीं है। आरोपी ने उन्हें एक नंबर दिया और उससे बात करने के लिए कहा।
नंबर मिलने के बाद पीड़ित ने उसपर बात की। उस व्यक्ति ने पीड़ित को बताया कि आपका वीडियो 96 फीसदी अपलोड हो गया है। जिसे डीलिट करने के लिए साढ़े 25 हजार रुपये देने होंगे। साथ ही बताया कि इसमें से 25 हजार रुपये वापस हो जाएंगे। पीड़ित ने आरोपी के दिए बैंक खाते में पेटीएम से पैसे डाल दिए। आरोपी ने फिर फोन कर बताया कि यूट्यूब पर दो अन्य जगहों पर वीडियो अपलोड हो रहा है, जिसे हटाने के लिए उन्हें 30 हजार और 22 हजार रुपये जमा करने होंगे। पीड़ित ने उसे खाते में सारे पैसे पेटीएम कर दिया।
थोड़ी देर बाद पीड़ित ने उसी नंबर पर फोन कर पैसे को वापस करने के लिए कहा। लेकिन आरोपी ने बताया कि उसके पास सीबाआई से मेल नहीं आया है। उसके बाद से आरोपी ने पीड़ित का फोन नहीं उठाया और बाद में फोन को बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर इसकी शिकायत की। बाद में रोहिणी जिला साइबर सेल ने पीड़ित का बयान लेकर ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। शुरूआती जांच में पुलिस को पता चला है कि जिस बैंक खाता में पीड़ित से पैसा ट्रांसफर किया गया है, वह किसी धरमवीर के नाम का है। पुलिस आरोपियों के फोन नंबर और बैंक खाते की तकनीकी जांच कर उनकी पहचान करने में जुटी है।