सोसायटी में रहने वाले करन सिंह रावत ने बताया कि उनका 21 साल का बेटा कुणाल सिंह रावत पार्किंग से अपने फ्लैट में जा रहा था। उनके साथ सोसायटी की एक महिला और एक तीन साल की बच्ची भी थी। ऊपर जाते समय लिफ्ट अचानक बीच में अटक गई। महिला अपनी बच्ची को देखकर घबरा गई। इसके बाद कुणाल ने इंटरकॉम का सहारा लिया।
आरोप है कि सोसायटी में रखरखाव करने वाले कर्मचारी में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। करीब तीस मिनट तक तीनों लिफ्ट में फंसे रहे। इसके बाद कुणाल ने लिफ्ट में लात मारनी शुरू कर दी। शोर सुनने के बाद बाकी के लोग भागकर लिफ्ट के पास पहुंचे। इसके बाद लोगों ने सोसायटी के गार्ड को बुलाया। गार्ड ने लिफ्ट को खोलकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
होती रहती है सोसायटी में घटनाएं
यहां रहने वाले नंद नेगी ने बताया कि सोसायटी में लिफ्ट फंसने के मामले होते रहते हैं। यहां सी एक, सी दो, सी पांच और सी नौ की लिफ्ट अक्सर फंसती रहती है। शुक्रवार को जब महिला और बच्ची तो सोसायटी में हड़कंप मच गया। लोगों ने मदद कर उनकी जान बचाई।