दिल्ली में क्रिप्टो करेंसी चोरी होने का अनोखा मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट ने छह बीटीसी(करीब 3 करोड़ रुपये) चुराने वाली मास्टरमाइंड युवती और मर्चेंट नेवी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती पीड़ित महिला की दोस्त है। इनके कब्जे से लगभग 2.6 करोड़ रुपये बरामद हो गए हैं। इनमें 1.25 करोड़ रुपये नकद, 2.32 बीटीसी और 9600 यूएसडीटी है। पुलिस ने दावा किया है कि चोरी की गई क्रिप्टो करेंसी की 90 फीसदी रकम बरामद कर ली गई है।
आईएफएसओ उपायुक्त पुलिस डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि आईएफएसओ को शिल्पा जायसवाल की एक शिकायत प्राप्त हुई थी। उनका आरोप था कि वह अपने मोबाइल फोन में एक क्रिप्टो करेंसी ट्रस्ट वॉलेट का संचालन कर रही थी। इसमें लगभग 6 बीटीसी बैलेंस था। चार जुलाई को जब वह विदेश यात्रा पर जा रही थी तो उन्हें पता चला कि उनके क्रिप्टो वॉलेट से सभी बीटीसी किसी ने चुरा ली हैं। मामला दर्जकर उपायुक्त ने अपने नेतृत्व व विजय गहलावत की देखरेख में पुलिस टीम गठित की। टीम ने शिकायतकर्ता के ट्रस्ट वॉलेट से किए गए जटिल क्रिप्टो लेनदेन का पता लगाना शुरू किया।
शिकायतकर्ता के लेनदेन विवरण के विश्लेषण पर पाया गया कि कथित तौर पर पता लगने/ट्रैकिंग से बचने के लिए कई छोटे लेनदेन शुरू किए गए और बीटीसी को जल्दी से टंबलर/मिक्सर की एक श्रृंखला के माध्यम से ले जाया गया। टीम के प्रयासों के परिणामस्वरूप छह क्रिप्टो वॉलेट की पहचान हुई, जिनमें चोरी की गई बीटीसी स्थानांतरित की गईं थीं। इन वॉलेट के तकनीकी ट्रेल्स के आधार पर 19 जुलाई को मास्टरमाइंड उत्तम नगर, दिल्ली निवासी मोक्षी(20) पुत्री साक्षी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अन्य दो सहयोगियों के नाम का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस टीम ने रोहतक, निवासी शेरी शर्मा और विपिन गार्डन, दिल्ली निवासी आशीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
मास्टरमाइंड आरोपी मोक्षी शिकायतकर्ता की करीबी दोस्त है। उसको पता लगा कि शिकायतकर्ता के वालेट में क्रिप्टो करेंसी है। उसने अपने दोस्तों शेरी और आशीष के साथ मिलकर शिकायतकर्ता की क्रिप्टो करेंसी चुराने की साजिश रची। उन्हें पता था कि पीडि़त चार जुलाई को विदेश जा रही है। योजना के तहत मोक्षी ने शिकायतकर्ता को मनाया कि वह उसे हवाई अड्डे पर छोड़ने जाएगी। हवाई अड्डे के रास्ते में आरोपी मोक्षी ने नेविगेशन देखने के बहाने शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन ले लिया और उसने शिकायतकर्ता के वॉलेट से पूरी क्रिप्टो राशि (06 बीटीसी) अलग-अलग क्रिप्टो वॉलेट में स्थानांतरित कर दी।