इंटर मॉडल इंटीग्रेशन से लैस होंगे
दिल्ली-एनसीआर के पांच स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों को लास्ट माइल की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्टेशनों में इंटर मॉडल इंटीग्रेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें टैक्सी, ऑटो व ई-रिक्शा की अलग-अलग लेन निर्धारित की जाएंगी। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन से निकलने व जाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए ब्रिज बनाया जाएगा।
कैफेटेरिया और प्रतीक्षालय बनेंगे
इस योजना के तहत चुने गए स्टेशनों के भवनों की मरम्मत की जाएगी। अगर कोई बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, तो नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही प्रवेश और निकास द्वार के भी सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा। चुने गए स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने या फिर रुकने के लिए वेटिंग लाउंज और कैफेटेरिया भी बनाया जाएगा। शौचालय भी अपग्रेड होंगे। स्टेशनों के बीचों-बीच 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा। इससे यात्री एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंच सकेंगे। रेलवे स्टेशनों को खूबसूरत बनाकर उनका कायाकल्प करने की तैयारी चल रही है।
योजना को बड़े स्वरूप में लिया गया है। यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें, इसको लेकर उत्तर रेलवे लगातार कार्य कर रहा है। योजना पूरी होने बाद यात्रियों को स्टेशन उन्नत रूप में दिखेंगे। दिल्ली मंडल में 33 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। - शोभन चौधरी, जरनल मैनेजर, उत्तर रेलवे