संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
इतिहास को केवल किताबों के पन्नों में पढ़ा जा सकता है, लेकिन जब वही इतिहास रंगमंच पर जीवंत हो उठे तो उसका प्रभाव कहीं अधिक गहरा होता है। बीती शाम कमानी ऑडिटोरियम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन की तरफ से प्रस्तुत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को लगभग दो घंटे तक आधुनिक भारत के एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तित्व के जीवन, विचारों और संघर्षों से रूबरू कराया। नाटक में डॉ. मुखर्जी के बचपन, शिक्षा, सार्वजनिक जीवन, बंगाल की राजनीति, केंद्र सरकार में उनकी भूमिका, भारतीय जनसंघ की स्थापना और जम्मू-कश्मीर के विशेष प्रावधानों के विरोध तक की यात्रा को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया गया। कथा का प्रवाह ऐसा था कि दर्शक शुरुआत से अंत तक मंच से जुड़े रहे।