अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सुकेश चंद्रशेखर से उनकी उस याचिका की सुनवाई योग्य होने पर दलील पेश करने को कहा, जिसमें उन्होंने न्यायिक पक्षपात का आरोप लगाया है और दोषसिद्धि के दौरान अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की है। न्यायमूर्ति मधु जैन ने दिल्ली पुलिस के विरोध के बाद सुकेश के वकील से सुनवाई योग्य होने पर दलील देने को कहा। पुलिस ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि याचिकाकर्ता को दोषसिद्धि के बाद सजा सुनाई जा चुकी है और इसका उपाय अपील में है। सुकेश की ओर से अधिवक्ता अनंत मलिक ने कहा कि वे दोषसिद्धि के खिलाफ प्रार्थना पर जोर नहीं दे रहे हैं और सुनवाई योग्य होने पर दलील देंगे। मामला 3 नवंबर को सुनवाई योग्य होने पर दलीलों के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया। सुकेश चंद्रशेखर को 2017 के एक मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसमें उन पर सुप्रीम कोर्ट के एक जज का रूप धारण कर न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने और जमानत दिलाने का प्रयास करने का आरोप था। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर 20 अगस्त 2026 के दोषसिद्धि आदेश को रद्द करने की मांग की है। इस मामले में सुकेश को कुल आठ वर्ष की सजा सुनाई गई है।