अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उम्रकैद की सजा काट रहे एक बलात्कार दोषी को समयपूर्व रिहाई दे दी। यह दोषी 30 साल से ज्यादा समय से जेल में था। न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी ने कहा कि निरंतर कारावास क्रोध और प्रतिशोध की व्यवस्था पर आधारित नहीं हो सकता, जो सजा को कारावास के जरिए प्रतिशोधात्मक मौत में बदल दे। अदालत ने एक अन्य बलात्कार दोषी को भी राहत दी, जिसने 15 साल जेल में बिताए हैं। न्यायमूर्ति भंभानी ने कहा कि उम्रकैद के दोषियों का निरंतर कारावास वैध दंडशास्त्रीय आधारों पर ही जायज होना चाहिए।