अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े एक आतंक साजिश मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी। दोनों आरोपियों ने लगभग पांच साल जेल में बिताए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए थे। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर दुदेजा की खंडपीठ ने सोबिया अजीज और कामरान अशरफ रेशी को जमानत दी। अदालत ने कहा कि दोनों आरोपी लगभग पांच साल से हिरासत में हैं और मुकदमे के जल्द खत्म होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। एनआईए का आरोप था कि जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के कार्यकर्ता और उनके सहयोगी पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भर्ती करने, हथियार जुटाने और जम्मू-कश्मीर व देश के अन्य हिस्सों में आतंकी हमले की योजना बना रहा था। सोबिया अजीज को अक्टूबर 2021 में गिरफ्तार किया था। एनआईए का आरोप है कि उनके पास शरियत कानून, इस्लामिक स्टेट विचारधारा और जिहादी सामग्री वाले हस्तलिखित नोट्स वाली डायरियां तथा इस्लामिक स्टेट का झंडा बरामद हुआ था। उन पर एक आतंकवादी को ले जाने का भी आरोप लगाया गया था। कामरान अशरफ रेशी को भी अक्टूबर 2021 में गिरफ्तार किया था। तब उसकी उम्र करीब 21 साल थी। एनआईए का आरोप है कि वे आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन प्रचार समूहों से जुड़े थे और कट्टरपंथी व्याख्यानों में शामिल होते थे। उन पर हिजबुल मुजाहिदीन के एक सक्रिय आतंकवादी से संबंध होने का भी आरोप है।