नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर में 18 से 27 सितंबर तक आयोजित होने वाला रंगमंच महोत्सव भारतीय रंगमंच की दुनिया से रूबरू कराएगा। दस दिन चलने वाले इस महोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों की रंग परंपराओं, समकालीन कथाओं और नए रंग प्रयोगों को एक मंच मिलेगा। स्टीन सभागार में होने वाले महोत्सव में हिंदी, अंग्रेजी, तमिल और पंजाबी भाषाओं में नाटकों की प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव में डांसिंग विद डैड, ब्रेस्ट ऑफ लक, अंब द बूटा, द ट्रेजडी ऑफ हैम मैकलीयर, विंडो तक आशिकी, सिलप्पाटिकारम द एंकलेट्स वर्डिक्ट, हर मर्ज की दवा, द क्वीन, और भासाभारतम शामिल हैं। इनके अलावा द थिएटर के तहत भी प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव की खासियत यह होगी कि एक ही मंच पर अनुभवी रंगकर्मियों के साथ नई पीढ़ी के कलाकार और रंगकर्मी भी अपनी रचनात्मक दृष्टि लेकर आएंगे। संवाद