पूर्वी दिल्ली (संवाद)। भव्य रामलीला सोसाइटी की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव में मंगलवार को सीता स्वयंवर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ने के प्रसंग से लेकर परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण के तर्कपूर्ण संवादों तक कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण की कथा को जीवंत कर दिया। मंचन के दौरान धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा। सीता स्वयंवर के प्रसंग में राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार कई राजाओं ने शिव धनुष उठाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसके बाद भगवान श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई, जिससे धनुष टूट गया। इस दृश्य के मंचन ने रामलीला के प्रमुख प्रसंग को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया। भव्य रामलीला सोसाइटी के प्रधान सतीश लूथरा ने बताया कि प्रसंगों को प्रभावशाली बनाने के लिए कलाकारों ने विशेष रिहर्सल की थी।