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Delhi: इस माह के अंत तक पेश किया जा सकता है ईवी पॉलिसी का ड्राफ्ट, नई ईवी पॉलिसी से बदलेगी राजधानी की रफ्तार

Tue, 13 Jan 2026 04:35 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी 2.0 इसी महीने के आखिर तक आ सकती है। नई पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी बढ़ेगी, दिल्ली में ही ईवी बनाए जाएंगे और साथ ही सरकार बिजली ढांचे को भी मजबूत करेगी।
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(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी 2.0 इसी महीने के आखिर तक आ सकती है। नई पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी बढ़ेगी, दिल्ली में ही ईवी बनाए जाएंगे और साथ ही सरकार बिजली ढांचे को भी मजबूत करेगी। पॉलिसी के ड्राफ्ट में दोपहिया ईवी पर खास फोकस रखा है। हरएक दोपहिया ईवी पर 21 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जबकि महिला खरीदारों को 30 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है। दिल्ली में दोपहिया ईवी की संख्या पांच लाख से बढ़ाकर अगले तीन साल में 12 लाख करने का प्रस्ताव है।

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चारपहिया ईवी पर भी सरकार फिर से सब्सिडी देने की तैयारी कर रही है। ड्राफ्ट के मुताबिक, 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली निजी इलेक्ट्रिक कारें सब्सिडी के दायरे में आएंगी। पहली 27 हजार कारों पर प्रति किलोवाट 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये प्रति वाहन होगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद लग्जरी कारों के बजाय आम लोगों को ईवी की ओर लाना है। वहीं पहली बार, पुरानी पेट्रोल या डीजल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने (रेट्रोफिटिंग) पर भी सब्सिडी का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत पहले एक हजार वाहनों पर 50 हजार रुपये प्रति वाहन की सहायता दी जाएगी। ड्राफ्ट पॉलिसी में पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने पर भी जोर दिया गया है। दोपहिया, तिपहिया और हल्के माल वाहक वाहनों को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की योजना है। वहीं, ईवी की ऊंची शुरुआती लागत को कम करने के लिए 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी वाली इंट्रेस्ट सबवेंशन स्कीम का प्रस्ताव किया गया है।

स्थानीय उद्योग भी बढ़ाने की तैयारी
ड्राफ्ट में स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बैटरी, चार्जर और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम जैसे ईवी कंपोनेंट्स के घरेलू उत्पादन पर वित्तीय प्रोत्साहन देने की सिफारिश भी की गई है। इसके साथ ही, अनुसंधान एवं विकास फंड को मौजूदा 5 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते ईवी उपयोग से बिजली की मांग को देखते हुए, ड्राफ्ट में 2030 तक 2.5 गीगावाट प्रति घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) क्षमता जोड़ने की तैयारी है।

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