सेवाएं सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मिलेंगी। विभाग जल्द ही सभी आर्थिक वर्गों और आयु समूहों को शामिल करते हुए इस टेलीमेडिसिन सेवा के बारे में उचित जागरूकता अभियान शुरू करेगा। इसे आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए इस सेवा में 75 डॉक्टर और 67 लिंक अधिकारियों को जोड़ा गया है। यह मरीजों को वीडियो कॉल कर परामर्श व सलाह देंगे।
मरीजों को होगा फायदा
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विशेषज्ञता आधारित टेली-मेडिसिन सेवाओं को शुरू करने से दिल्ली के लोगों को फायदा होगा। इसकी मदद से मरीजों को उनके घर बैठे ही सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाएगी। इसकी मदद से अस्पतालों में शारीरिक ओपीडी का बोझ कम होगा। इस सेवा के माध्यम से मरीज स्मार्टफोन और कंप्यूटर पर वीडियो कॉल के माध्यम से डॉक्टरों और विशेषज्ञों से परामर्श कर सकते हैं।
बदले मौसम से बढ़ीं समस्याएं
दिल्ली में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद मौसमी बीमारी के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। कई मरीजों को कुछ सप्ताह तक बुखार बना हुआ है। जबकि काफी मरीज कमर दर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में खिंचाव, जुकाम, खांसी सहित दूसरे रोग से परेशान हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय ऐसे मरीजों को अस्पताल आने से बचना चाहिए। इन मरीजों से दूसरे मरीजों को संक्रमण होने का खतरा रहता है। ऐसे मरीजों के लिए टेली-मेडिसिन सेवाएं सबसे बेहतर साबित हो सकता है। यह मरीज घर बैठे ही इलाज करवा सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी बीमारी मजबूत हुई है। यह लंबे समय तक मरीज को बिस्तर पर रहने के लिए मजबूर कर रहा है। ऐसे में इस सुविधा के मदद से मरीज समय-समय पर डॉक्टरों से सलाह व परामर्श ले सकेंगे।
इन विभागों की मिलेगी सुविधा
- सामान्य चिकित्सा
- सामान्य सर्जरी
- प्रसूति एवं स्त्री रोग
- बाल रोग
- नेत्र रोग
- हड्डी रोग
- मनोचिकित्सा
- कान, नाक व गला
- दंत चिकित्सा
- त्वचा रोग
- आयुर्वेद
- होम्योपैथिक
- यूनानी