नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशनल स्टडीज और सीआईटी-एनसीईआरटी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को तकनीकी एवं शिक्षण कौशल से लैस करना और उभरती शैक्षिक तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तैयार करना रहा। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने की। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल जानकारी हासिल करना नहीं बल्कि समझ, मूल्य, अनुभव और ज्ञान के सार्थक इस्तेमाल से जुड़ी है। जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक प्रो. प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने शिक्षा में तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए इसे समान अवसर उपलब्ध कराने वाला माध्यम बताया। ब्यूरो