अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व अतिथि शिक्षकों को दो साल बीतने के बाद भी टैबलेट खरीद का भुगतान नहीं मिला है। भुगतान राशि नहीं मिलने के कारण शिक्षकों के 15 हजार रुपये फंस गए हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों को कहा था कि वे शिक्षण कार्य के लिए पंद्रह हजार रुपये तक के टैबलेट खरीदें, जिसका भुगतान कर दिया जाएगा। अब शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई है कि भुगतान राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। वहीं दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के मानदेय में भी लंबे से बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखा है।