सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के तुगलकाबाद में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। दिल्ली नगर निगम के रविवार को तुगलकाबाद में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को चुनौती वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, एएसआई और डीडीए से जवाब मांगा है। इस मामले में मंगलवार यानी आज विस्तृत सुनवाई होगी।
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने सोमवार को याचिका का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। सीजेआई ने उन्हें जस्टिस खन्ना के समक्ष मामले का उल्लेख करने का निर्देश दिया। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ के समक्ष गोंजाल्विस ने बताया कि कई साल पहले तुगलकाबाद किले के आसपास के क्षेत्रों को खाली करने का आदेश दिया गया था। दिल्ली सरकार ने निवासियों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की पेशकश की थी। लेकिन अभी तक रिलोकेशन नहीं किया गया है। इस पर पीठ ने कहा, क्षेत्र में बहुत अधिक अनधिकृत अतिक्रमण था। 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत, मुआवजे की रकम को देखते हुए इतनी भूमि का अधिग्रहण करना अब मुश्किल है।
दिल्ली सरकार के वकील शादान फरासत ने कहा, रिलोकेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने पीठ से कुछ समय देने का आग्रह किया। हालांकि शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई मंगलवार को करने का निर्णय लिया है।