अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2014 के रेलवे सप्लाई घोटाले में पश्चिम बंगाल स्थित कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक आरके भलोतिया पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए हैं। हालांकि, अदालत ने आरोपी कंपनी के पूर्व कर्मचारी श्याम सुंदर बासक को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश में शामिल होने का कोई सबूत नहीं है, संदेह कितना भी गंभीर क्यों न हो, वह सबूत की जगह नहीं ले सकता। सीबीआई ने 2014 में यह मामला दर्ज किया था। आरोप था कि रेलवे को ब्रेक शूज, ब्रेक ब्लॉक और संबंधित उपकरणों की आपूर्ति करने वाली कंपनी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आरके भलोतिया ने उत्तरी रेलवे के एकाउंट असिस्टेंट जोगिंदर पाल कोहली के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया। अदालत ने आरके भलोतिया पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं, श्याम सुंदर बासक को पूरे मामले से मुक्त कर दिया गया है।