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CUET UG Answer Key 2024: छात्रों का दावा- छह विषयों की आधे से अधिक आंसर-की के जवाब गलत

Tue, 09 Jul 2024 05:34 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

छात्रों का दावा है कि सीयूईटी-यूजी, 2024 की रविवार को जारी प्रोविजनल आंसर-की में छह से अधिक पेपर के आधे से अधिक उत्तर गलत हैं। इसमें मनोविज्ञान, कानूनी अध्ययन, इकोनोमिक्स, इंग्लिश,बायोलॉजी पेपर के सवालों में सबसे अधिक दिक्कत है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अब सीयूईटी-यूजी 2024 की प्रोविजनल आंसर-की को लेकर विवादों में घिर गई है। छात्रों का दावा है कि सीयूईटी-यूजी, 2024 की रविवार को जारी प्रोविजनल आंसर-की में छह से अधिक पेपर के आधे से अधिक उत्तर गलत हैं।

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इसमें मनोविज्ञान, कानूनी अध्ययन, इकोनोमिक्स, इंग्लिश,बायोलॉजी पेपर के सवालों में सबसे अधिक दिक्कत है। अब छात्र परेशान हैं कि जब एक-एक पेपर के 35 से 36 सवाल ही गलत होंगे तो वे कितने प्रश्नों के उत्तर को चुनौती दें। क्योंकि एक प्रश्न को चुनौती देने के लिए उन्हें 200 रुपये देने होंगे।

एनटीए ने कहा है कि सीयूईटी यूजी 2024 को लेकर कुछ छात्रों ने आपत्ति दर्ज की है। जिन छात्रों ने 30 जून तक एनटीए को अपनी आपत्ति भेजी हैं, उसकी कमेटी जांच कर रही है। कमेटी जांच में जिन छात्रों की दिक्कत सही निकलेगी, उनको 15 से 19 जुलाई के बीच दोबारा परीक्षा का मौका मिलेगा। 
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यह दोबारा परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। छात्रों का कहना है कि दोबारा परीक्षा के लिए 30 जून की समय-सीमा निर्धारित करना बिल्कुल गलत है। क्योंकि दिक्कत तो अब सामने आ रही हैं। इसलिए दोबारा परीक्षा की मांग करने वाले सभी छात्रों को मौका मिलना चाहिए।

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एक अभिभावक ने 34 प्रश्नों के 6800 रुपये जमा किए
एक अभिभावक ने एनटीए को लिखा है कि मनोविज्ञान की आंसर-की देखने के बाद उनकी बेटी ने 34 प्रश्नों के लिए 6800 रुपये की फीस दी है। मॉस -मीडिया समेत अन्य कंप्यूटर आधारित परीक्षा के भी 35 से 36 प्रश्न गलत हैं। फिजिक्स और केमिस्ट्री में हटाए गए चैप्टर से प्रश्न पूछे गए हैं। डीपीएस अंनतनाग सेंटर के साहिल और मुस्कान उम्मीदवार ने लिखा है कि जनरल टेस्ट पेपर लेट शुरू हुआ, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनको परीक्षा में पूरा समय तक नहीं मिला। जबकि वे दोबारा परीक्षा देने की मांग कर रहे हैं।

इस तरह की गड़बड़ी
उदाहरण के लिए, लीगल स्टडीज पेपर में एक प्रश्न पूछा गया है कि भोपाल गैस त्रासदी के मद्देनजर भारत सरकार ने संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 1986 का पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू किया था। एनसीईआरटी पुस्तकों के अनुसार, सही उत्तर अनुच्छेद 253 (प्रश्न पत्र का विकल्प 4) होगा। हालाँकि, अनंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार सही विकल्प अनुच्छेद 38 (प्रश्न पत्र पर विकल्प 2) है।

इसी तरह, कंप्यूटर साइंस पेपर में, एआरपीएएनईटी के पूर्ण रूप का उत्तर, जो किताबों के अनुसार एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क है, को उत्तर कुंजी में स्वचालित रिसर्च प्रैक्टिकल एप्लिकेशन नेटवर्क के रूप में चिह्नित किया गया है।

गड़बड़ी बताएं, विशेषज्ञ ठीक करके फाइनल आंसर-की बनाएंगे
सीयूईटी यूजी 2024 की प्रोविजनल आंसर-की छात्रों के लिए जारी हुई है, ताकि वे किसी भी तरह की गड़बड़ी को सामने ला सकें। इसके बाद विशेषज्ञ इन गड़बड़ियों की जांच करके फाइनल आंसर-की जारी करेंगे। वर्षों से ऐसे ही होता है, छात्र फीस देकर एनटीए को आंसर के लिए चैलेंज कर सकते हैं। -प्रोफेसर एम जगदीश कुमार, अध्यक्ष, यूजीसी।
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