-मीडिया स्टडीज सेंटर की संगोष्ठी में गलत और भ्रामक सूचनाओं की पहचान पर जोर
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों ने एआई और डीपफेक सूचनाओं की सत्यता जांचने के तौर-तरीके सीखें। इसके लिए जेएनयू के सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की ओर से तथ्य जांचना और नागरिक जिम्मेदारी विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें छात्रों को गलत और भ्रामक सूचनाओं की पहचान और तथ्य जांच के व्यावहारिक तरीकों से परिचित कराया गया। सीएमएस की अध्यक्ष प्रो. शुचि यादव ने कहा कि सूचना की बाढ़ के दौर में छात्रों के लिए जिम्मेदारी के साथ सूचना का इस्तेमाल समझना जरूरी है। संगोष्ठी में मीडिया स्टडीज के एमए के नए बैच के छात्रों और पीएचडी शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद विशेषज्ञ के साथ प्रश्न-उत्तर सत्र भी हुआ। सीएमएस ने इस वर्ष एनईपी-2020 के तहत मीडिया स्टडीज में एक और दो वर्षीय एमए कार्यक्रम शुरू किया है। केंद्र 2013 से डॉक्टरेट और 2015 से एमफिल-पीएचडी कार्यक्रम चला रहा है। ब्यूरो