नई दिल्ली। जेएनयू प्रशासन ने बताया कि कुलगुरु शांतिश्री डी. पंडित के अनुसार, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की पहले दिन से दिन में दो बार स्वास्थ्य जांच की जा रही है। निष्कासित छात्रों को भी मानवीय आधार पर चिकित्सा सुविधा मिल रही है। छात्रों की मांगों पर प्रोफेसर विवेक कुमार की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति ने नौ अक्तूबर को छात्रों से चार घंटे से अधिक चर्चा की, जिसके बाद दो समूहों ने हड़ताल समाप्त की। 14 अक्तूबर को भी समिति ने छात्रों से बात की, जिसमें आगे की बातचीत पर सहमति बनी। प्रशासन ने सार्वजनिक संपत्ति को 20 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है, पर निष्कासित छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई। ब्यूरो