जेएनयू में छात्रसंघ की भूख हड़ताल जारी, छात्रों की सेहत बिगड़ने लगी -200 से अधिक छात्रों ने समर्थन में की रिले भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रसंघ की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बीते 12 दिन से जारी है। लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की सेहत पर असर पड़ने लगा है। छात्रसंघ के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे छात्रों का वजन चार किलोग्राम से अधिक घट गया है और उनका ब्लड शुगर स्तर भी सामान्य से नीचे पहुंच गया है। इसके बावजूद मांगें पूरी नहीं होने पर छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्रसंघ के समर्थन में 200 से अधिक छात्रों ने सामूहिक रिले भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रसंघ ने अपने पदाधिकारियों और पूर्व अध्यक्ष का निष्कासन रद करने समेत कई मांगें उठाई हैं। इनमें सीपीओ मैनुअल वापस लेना, जेएनयूईई और जीएसकैश को बहाल करना तथा रोहित एक्ट के अनुरूप समान अवसर प्रकोष्ठ का पुनर्गठन करने जैसी मांगें शामिल हैं। छात्रसंघ का आरोप है कि प्रशासन के साथ तीसरे दौर की वार्ता होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छात्रसंघ ने कुलपति के प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात नहीं करने पर भी नाराजगी जताई है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।