-लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, वकीलों को भी करना होगा पालन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आग लगने की घटना के बाद अदालत प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब अधिकारियों, कर्मचारियों और वकीलों को कार्यालय या चैंबर छोड़ने से पहले बिजली के सभी उपकरण बंद करने होंगे। नियमों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्वी जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय की अधिकारिक जानकारी के अनुसार, छह अक्तूबर को आग लगने की घटना के बाद भी कुछ अधिकारी और कर्मचारी पहले जारी निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसे देखते हुए सभी न्यायिक अधिकारियों और शाखा प्रभारियों को अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों से नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत प्रशासन ने 10 जून 2026 को जारी पुराने आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि कार्यालय से निकलने से पहले कंप्यूटर, यूपीएस, फोटो कॉपी मशीन, एसी और अन्य बिजली के उपकरण बंद करना जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों को भी अपने चैंबर में अदालत की कार्यवाही के दौरान और कार्यालय समय समाप्त होने के बाद उपकरणों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, शाखा प्रभारियों, रीडर और अहलमद को अपने कार्यालय, अदालत कक्ष और अहलमद कक्ष में लगे बिजली के उपकरणों की जांच करने को कहा गया है। यदि कोई उपकरण खराब मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत केयरटेकर शाखा या लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को देनी होगी, ताकि समय पर उसकी मरम्मत कराई जा सके। कोर्ट परिसर में चैंबर या सीट पाने वाले वकीलों को भी काम खत्म करने के बाद बिजली के उपकरण बंद करने होंगे।