मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों में त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें से ज्यादातर मरीज स्टेरॉयड युक्त दवा के इस्तेमाल करने से फंगल इंफेक्शन का शिकार होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम गर्म होने के साथ ही फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ते हैं। यदि मरीज शुरू में ही इसे लेकर सतर्क रहें तो समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डर्मेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. कबीर सरदाना की माने तो देश में कुछ दवाएं हैं, जो कवक पर तेजी से प्रतिरोध विकसित करती हैं। ऐसे में इन दवाओं का उपयोग साबुन व पाउडर के रूप में नहीं करना चाहिए। मरीज की स्थिति के आधार पर उनकी उचित खुराक और गुणवत्ता का उपयोग करना चाहिए।
त्वचा रोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ मनीष जांगड़ा ने कहा कि किसी भी समस्या में स्टेरॉयड युक्त ओटीसी दवाओं का उपयोग न करें। ये फंगल संक्रमण को बढ़ाते हैं। यदि कोई समस्या है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। बचाव के लिए अपने आहार में प्रोबायोटिक्स को शामिल करें। ये बैक्टीरिया आपके शरीर को संक्रमण पैदा करने वाले हानिकारक कवक से लड़ने में मदद कर सकते हैं।
गर्मी में बढ़ती है समस्या
गर्मियों में फंगल इंफेक्शन बहुत आम है। यह ज्यादातर एक्सिलरी और प्यूबिक फोल्ड को प्रभावित करता है। ये कवक के समूह के कारण होते हैं जिन्हें आमतौर पर डर्माटोफाइट्स के रूप में जाना जाता है। ये संक्रामक हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमित जानवरों या दूषित मिट्टी या सतहों से रोग पैदा करने वाले कवक से भी हो सकता है।
शरीर में यह आती है समस्या
त्वचा खराब होना
लालपन होना
खुजली होना
सूजन होना
इस तरह के होते हैं फंगल संक्रमण
-एथलीट फुटजॉक
-खुजली
-दाद
-खमीर संक्रमण
निवारण
-साफ और सूखे कपड़े पहनें।
-तंग कपड़े और जूते पहनने से बचें
-दिन में कम से कम एक बार नहाएं।
-अपने नाखूनों को छोटा और साफ रखें
-नंगे पैर न रहें