उन्होंने इस मामले पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में ले जाने को कहा है। दिल्ली के सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज ने 13 मई को कथित रूप से जबरन वसूली रैकेट चलाने और सुरक्षा धन की मांग करने के लिए राजशेखर के खिलाफ शिकायतों का हवाला देते हुए अधिकारी को सौंपे गए सभी कार्यों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश दिया था। सूत्रों का कहना है कि राजशेखर कथित दिल्ली शराब घोटाले और मुख्यमंत्री के बंगले के नवीनीकरण की जांच कर रहे सतर्कता अधिकारी हैं।
तड़के तीन बजे तक तलाशी के लगाए आरोप
राजशेखर ने रिपोर्ट में दावा किया है कि दिल्ली सचिवालय में उनके कमरे की सोमवार और मंगलवार के बीच तलाशी ली गई। 15 मई को भारद्वाज के निर्देश मिलने के बाद उनके पास रखी 76 गोपनीय फाइलों को जांच किए बगैर भेज दिया। इसमें अधोहस्ताक्षरी को फाइलों की जांच नहीं करने का निर्देश दिए गए थे। हालांकि, 12 बेहद संवेदनशील फाइलें जिनमें आबकारी नीति और सीएम के आवास के नवीनीकरण से संबंधित फाइलें नहीं भेजी गईं और अपने कब्जे में रखा था।