हर साल 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाता है। जिसका मकसद लोगों को नशे के बारे में जागरुक किया जाना है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सरकार ने नशामुक्त राजधानी के संकल्प को और दृढ़ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा, मशहूर सिंगर मीका सिंह समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। वहीं बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक भी उपस्थित रहे।
सीएम रेखा ने अपने एक्स हैंडल से वीडियो के साथ पोस्ट साझा की। पोस्ट में लिखा कि दिल्ली पुलिस का सघन एंटी-ड्रग्स अभियान अवैध नशा कारोबार पर करारा प्रहार कर रहा है। यह पहल दिल्ली के युवाओं को नशे के जाल से मुक्त कर सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य देने का सशक्त प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित कर उनकी सेवा, साहस और समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री ने एंटी-ड्रग्स अवेयरनेस वैन को जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे समाज को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। दिल्ली सरकार राजधानी को नशामुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के लिए कृत- संकल्पित है।
मौलाना आजाद अस्पताल के डॉक्टरों से मिलीं सीएम रेखा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मौलाना आजाद अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात की। सीएम रेखा ने कहा कि मैं पिछली सरकार के काम, अस्पताल प्रशासन और मेडिकल कॉलेज के रख-रखाव से हैरान हूं। कॉलेज और छात्रों की हालत बहुत खराब है। 1966 से 90 के बीच बनाए गए सात छात्रावासों में 1,200 छात्रों के रहने की क्षमता है, लेकिन इनमें करीब 3,200 छात्र रह रहे हैं।
आगे कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि इनमें कोई मरम्मत या जीर्णोद्धार का काम नहीं हुआ है। यह बहुत दुखद है कि हमारे मेडिकल छात्र ऐसी विपरीत परिस्थितियों में वहां रह रहे हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है। पहले भी यहां दुर्घटनाएं हुई हैं, बलात्कार जैसे मामले भी हुए हैं। अगर पिछली सरकार ने उन्हें सुरक्षित माहौल और कॉम्पैक्ट कैंपस नहीं दिया है, तो यह अपने आप में बहुत सोचनीय है। सरकार तुरंत मरम्मत की सुविधाएं मुहैया कराएगी और नए छात्रावासों की भी तुरंत तलाश की जाएगी।