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सौम्या विश्वनाथन मामला : दोषी के हाथ में टैटू से खुला हत्या का राज, सिपाही ने सीसीटीवी फुटेज देखकर की पहचान

Sun, 26 Nov 2023 02:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मामले में दोषी करार दिए गए बदमाश के हाथ में टैटू के निशान थे जिसके आधार पर जांच कर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
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Soumya Vishwanathan(फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन और बीपीओ कर्मी जिगिशा घोष हत्याकांड की शुरुआती जांच में पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं था। मामले में दोषी करार दिए गए बदमाश के हाथ में टैटू के निशान थे जिसके आधार पर जांच कर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।

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दोषी करार दिए गए रवि सहित अन्य बदमाशों ने जिगिशा घोष के क्रेडिट कार्ड से कपड़ों और चश्मों की खरीदारी की थी। इसी दौरान उनकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। बाद में सिपाही ने खरीदारी के फुटेज देखकर उसकी पहचान की जिसके बाद बदमाशों को दबोच लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने जब जिगिशा घोष हत्याकांड की जांच करते हुए दोषियों को पकड़ा तो सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड का भी खुलासा हो गया। कड़ी पूछताछ में दोषियों ने सौम्या की हत्या करने की बात भी कबूल कर ली।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुरानी बीट प्रणाली से पुलिसिंग करने वाले उस समय वसंत विहार थाने में तैनात सिपाही कप्तान सिंह (अब एएसआई) को फायदा मिला। सरोजनी नगर मार्केट के दुकान से मिली दोषियों ने खरीददारी की सीसीटीवी की फुटेज देखकर कप्तान सिंह ने बदमाश बलजीत उर्फ मलिक की पहचान की। बलजीत मसूदपुर गांव में रहता है। इसके बाद इलाके के मुखबिरी कराकर बदमाशों को दबोच लिया गया। 

अधिकारी के मुताबिक बहुत पहले सिपाही कप्तान सिंह वंसत कुंज पुलिस स्टेशन में तैनात थे। उस समय कप्तान की तैनाती मसूद गांव की बीट पर थी। गश्त करने के दौरान वह गांव के सभी लोगों से परिचित थे।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बलजीत व उसके भाई की शक्ल मिलती जुलती थी। ऐसे में दोनों में से दोषी की पहचान करना संभव नहीं था।

सिपाही कप्तान सिंह को पता था कि दोषी बलजीत के हाथ पर उसके नाम का टैटू व नाम गुदा है। इसके बाद उसके हाथ को देखकर उसे पकड़ लिया। बलजीत को गिरफ्तार करने के बाद बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुरानी गश्त प्रणाली के आधार पर ही सौम्या व जिज्ञिसा के हत्यारे पकड़े गए थे। इस प्रणाली से न केवल मुखबिरी मजबूत होती थी बल्कि हर कोई पुलिस के संपर्क में रहता था।

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