सत्तर साल की मां से शराब के नशे में यौन हिंसा जैसा घिनौना कार्य करने वाले बेटे को अदालत ने चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी के कृत्य को घिनौता करार देते हुये कहा ऐसा कृत्य पूरी दुनिया में निंदनीय है। मामला दक्षिण पूर्वी जिले का है।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने राजू (48) को सजा सुनाते हुये कहा कि भारत जैसे रूढिवादी समाज में ऐसे अपराध का कलंक हमेशा पीड़िता के साथ रहता है।
अदालत ने दोषी की उस दलील को खारिज कर दिया कि उसे संपत्ति विवाद के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। अदालत ने कहा कि कोई मां अपने बेटे पर ऐसा घिनौना आरोप नहीं लगायेगी।