पावर कारपोरेशन ने सौर ऊर्जा संयंत्रों से बिजली की पूर्ति करने की तैयारी शुरू कर दी है। कारपोरेशन और एनटीपीसी के निर्देशन में गंग नहर पर सौर ऊर्जा पावर प्लांटों का निर्माण होगा।
इसके लिए हरिद्वार से दादरी तक 180 किमी की लंबाई में डीपीआर तैयार कर ली गई है। इससे गाजियाबाद सहित गंगनहर के आसपास के जिलों के उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा पर भी पूरा ध्यान दे रही है। सूबे में प्रथम चरण में नहरों पर एक हजार किमी की लंबाई में सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाने हैं।
गाजियाबाद में बिजली की उपलब्धता मात्र 950 मेगावाट है, जबकि गर्मियों में जरूरत 17 सौ मेगावाट की होती है। इतनी बिजली कारपोरेशन के पास नहीं है।
इसके लिए गंगनहर पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम शुरू हो गया है। इसकी डीपीआर तैयार कर 380 करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया गया है।
कारपोरेशन के एसई एसबी यादव ने बताया कि इससे 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसमें से गाजियाबाद को 200 मेगावाट सप्लाई मिलेगी।
कारपोरेशन गंग नहर के किनारे ट्रांसमिशन लाइन की स्थापना कराएगा। इस लाइन से सौर ऊर्जा से मिलने वाली सप्लाई नहर के आसपास के जिलों में दी जाएगी।
इस योजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गाजियाबाद को 2016 में इससे फायदा मिलेगा।