फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली से दून तक सिग्नल-फ्री उड़ान, जाम से कराहती धमनियों की कर दी बाईपास सर्जरी

Mon, 13 Apr 2026 04:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा संतोष कुमार शुक्ला, नई दिल्ली

सार

करीब 12 बजे शुरू हुआ सफर दिल्ली और यूपी होते हुए उत्तराखंड में करीब 3:00 बजे खत्म हुआ। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से गांधी नगर मार्केट की करीब ढाई किमी की दूरी में स्थानीय और बाहरी ट्रैफिक साथ-साथ निकलता रहा लेकिन आगे एक्सप्रेस वे का डेडिकेटेड कॉरिडोर में वाहनों की आपसी उलझन भी दूर हो गई।
विज्ञापन
उद्घाटन के लिए तैयार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का इंट्री प्वाइंट दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर, यहां से एलिवेटेड कॉरिडोर पर चलते ही वाहन सिग्नल-फ्री उड़ान भरने लगा। करीब 12 बजे शुरू हुआ सफर दिल्ली और यूपी होते हुए उत्तराखंड में करीब 3:00 बजे खत्म हुआ। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से गांधी नगर मार्केट की करीब ढाई किमी की दूरी में स्थानीय और बाहरी ट्रैफिक साथ-साथ निकलता रहा लेकिन आगे एक्सप्रेस वे का डेडिकेटेड कॉरिडोर में वाहनों की आपसी उलझन भी दूर हो गई। एक के बाद एक पड़ने वाले निकास और प्रवेश मार्ग पर एक्सप्रेस वे से बाहर निकलते और अंदर आते वाहनों ने भी कोई अड़चन नहीं पैदा की।

विज्ञापन


पहला निकासी मार्ग खजूरी खास पर दिखी। यहां से वजीराबाद, दिल्ली-करनाल रोड की तरफ जाने वाले एक्सप्रेस वे छोड़ते नजर आए। फिर भी, मेन एक्सप्रेस वे पर रफ्तार बरकरार रही। राजधानी की सरहदों पर रेंगते वाहनों की कतारें नदारद दिखीं। दिल्ली में होते हुए भी यह साफ-साफ महसूस हुआ कि यह एक सड़क भर नहीं, एक्सप्रेस वे राजधानी की जाम से कराहती धमनियों की बाईपास सर्जरी सरीखी है।

आगे शामली और मुजफ्फरनगर की तंग गलियों की फांस, सहारनपुर और रुड़की का जाम और इसमें खराब होता घंटों का वक्त-अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। फर्राटा भरते वाहन आसानी से अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते जा रहे थे। बीच-बीच में कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस वे, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार-रूड़की समेत 16 इंट्री और एग्जिट पर वाहनों के प्रवेश व निकासी ने भी सीधे गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेकर नहीं बन रहे थे। एक्सप्रेस वे छोड़ने के बाद देहरादून का स्थानीय ट्रैफिक मिलने के बाद ही वाहनों में ब्रेक लगाने की जरूरत महसूस हुई।
विज्ञापन


ट्रैफिक को री-रूट करेगा एक्सप्रेस वे
एक्सप्रेस वे पर सफर करते वक्त समझा जा सकता है कि इससे लगे सभी शहरों के ट्रैफिक को रि-रूट करेगा। मतलब साफ है कि मौजूदा सड़कों के वाहनों का दबाव इससे कम होगा। यह दिल्ली-एनसीआर के उन यात्रियों को, जिन्हें उत्तराखंड जाना है, गाजीपुर बॉर्डर, आनंद विहार या गाजियाबाद के घनी आबादी वाले इलाकों से अब नहीं गुजरना पड़ेगा। पंजाब और हरियाणा से आने वाले वाहन कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस वे से सीधे इस कॉरिडोर से निकल सकेंगे। इनको दिल्ली में इंट्री नहीं करनी पड़ेगी। इसका सीधा फायदा दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा पर भी पड़ेगा।

एक नजर...

  • कुल लंबाई: लगभग 210–212 किमी
  • लेन: 6 लेन (8 तक विस्तार योग्य)
  • डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा तक
  • यात्रा समय: 6–6.5 घंटे से घटकर 2.5 घंटे
  • प्रोजेक्ट की प्रगति:
  • मंजूरी: 2020 (इन-प्रिंसिपल अप्रूवल)
  • टेंडर जारी: 2021
  • शिलान्यास: दिसंबर 2021
  • उद्घाटन: 14 अप्रैल 2026

तीन प्रमुख सेक्शन

  • दिल्ली–ईपीई (ब्राउनफील्ड)
  • ईपीई–सहारनपुर (ग्रीनफील्ड)
  • सहारनपुर–देहरादून (ग्रीनफील्ड)

एक्सप्रेस वे की खासियत :

  • कुल अनुमानित लागत: 11,800 करोड़ – 13,000 करोड़ के बीच
  • अंडरपास: 113
  • रेलवे ओवरब्रिज: 5
  • एंट्री/एग्जिट पॉइंट: 16
  • सर्विस रोड: 76 किमी
  • बस शेल्टर: 62
  • वे-साइड सुविधाएं (फूड, टॉयलेट आदि): 12
  • एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: 12–14 किमी
  • डाटकाली टनल: लगभग 340 मीटर
  • कनेक्टविटी: दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, चारधाम हाईवे (हरिद्वार लिंक)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें