संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। एलटीजी ऑडिटोरियम में रविवार को मंचित हास्य नाटक ‘श्याम काली का जादू’ ने दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया। चुटीले संवाद, हल्के-फुल्के कथानक और कलाकारों की शानदार कॉमिक टाइमिंग से सजी इस प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। पूरे नाटक के दौरान सभागार तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा। नाटक की कहानी दो किराएदारों विजय और श्याम के इर्द-गिर्द घूमती है, जो किराया न देने की परेशानी से जूझ रहे होते हैं। इसी बीच विजय, मकान मालिक की बेटी को प्रपोज करने की तैयारी के लिए श्याम को लड़की के रूप में तैयार करता है। हालात तब और मजेदार हो जाते हैं, जब अचानक मकान मालिक वहां पहुंच जाता है और श्याम को आंटी बनाकर उसके सामने पेश किया जाता है। कहानी में हास्य का तड़का तब लगता है, जब मकान मालिक खुद उस ‘आंटी’ से प्रभावित होकर उन्हें रिझाने की कोशिश करने लगता है। नाटक का सबसे चर्चित दृश्य वह रहा, जब खींचतान के दौरान साड़ी खुलने पर श्याम की असलियत सामने आ जाती है। इस दृश्य पर दर्शकों ने जमकर ठहाके लगाए। नाटक का लेखन डॉ. प्रदीप कुमार ने किया, जबकि निर्देशन अमर साह ने संभाला। कलाकारों में अमर साह ने श्याम, कौशल ने विजय और सौरभ राय ने मकान मालिक की भूमिका निभाई। प्रकाश व्यवस्था प्रियांशु और संगीत संयोजन प्रशांत ने किया।