अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ ने 15 अप्रैल को अभियोजन पक्ष के वकीलों के साथ-साथ आरोप तय करने पर अभियुक्तों की दलीलें सुनने के बाद 29 अप्रैल के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया था। जांच एजेंसी ने 15 अप्रैल को वाल्कर के पिता के आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था।
पूनावाला पर दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (अपराध के सबूत मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी को मामले में 6,629 पन्नों की चार्जशीट दायर की।
पूनावाला ने पिछले साल 18 मई को वाकर का कथित रूप से गला घोंट दिया था। इसके बाद उसने उसके शरीर के टुकड़ों को महरौली स्थित अपने आवास पर करीब तीन सप्ताह तक फ्रिज में रखा। पकड़े जाने से बचने के लिए आफताब ने उन टुकड़ों को कई जगहों पर बिखेर दिया था।