शरजील इमाम द्वारा दिसंबर 2019 में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में दिए गए एक ही भाषण के आधार पर दो अलग-अलग मामलों में उनके खिलाफ कार्यवाही को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर स्थिति रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने दिल्ली पुलिस को अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हहुए सुनवाई 18 अक्टूबर तय की है। इमाम ने आईपीसी की धारा 124ए और 153ए के तहत न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में दर्ज प्राथमिकी में अपने खिलाफ दायर पहले पूरक आरोपपत्र को चुनौती दी है।
याची ने तर्क रखा कि विचाराधीन भाषण पहले से ही 2020 की एफआईआर में जांच के अधीन है और इसे कानून की पूरी अवहेलना और अवहेलना में पूरक पूरक चार्जशीट के माध्यम से दूसरी एफआईआर का विषय बनाया गया था। उसी के लिए दर्ज विशिष्ट प्राथमिकी (2020 की प्राथमिकी संख्या 22) से प्रश्न में भाषण आयात करने के प्रतिवादी का कार्य और इसे वर्तमान याची ने कहा कि जब पुलिस को मालूम था कि इस भाषण के आधार पर पहले ही मुकदमा चल रहा है तो दूसरी प्राथमिकी पर आरोपपत्र दायर करना जांच की वैधानिक शक्ति के दुरुपयोग का एक उत्कृष्ट मामला है।
याची ने कहा कि एक व्यक्ति के खिलाफ एक ही घटना पर कई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती है और जामिया में दिए गए भाषण हा आधार बनाकर दूसरी प्राथमिकी दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का घोर उल्लंघन है। इमाम वर्तमान में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान उसके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में है, जिसमें यूएपीए आरोपों से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले भी शामिल हैं।