इस साल की शुरुआत में सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। एक जनवरी से लेकर 15 मार्च तक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाली की संख्या में करीब 7 फीसदी की कमी आई है। एक से 15 मार्च तक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में 7.2 फीसदी की कमी देखी गई। सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में कमी जनवरी महीने में देखी गई। जनवरी में करीब 15 फीसदी कम लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हुई। दूसरी तरफ सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं रात में होती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़़े बताते हैं कि एक से 15 मार्च तक सड़क दुर्घटनाओं में 64 लोगों की मौत हुई है, जबकि इस 15 दिन की अवधि में वर्ष 2023 में 69 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, इस अवधि में घायलों की संख्या बढ़ी है।
इस साल एक से लेकर 15 मार्च तक कुल 248 लोग घायल हुए हैं, वहीं इस अवधि में पिछले वर्ष सिर्फ 176 लोग घायल हुए थे। इस तरह घायल होने की वालों की संख्या 40.91% बढ़ी है। वहीं, एक जनवरी से लेकर 15 मार्च तक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में 7% की कमी देखी गई है। हालांकि, इस अवधि में घायल होने वालों की संख्या 10% बढ़ी है। इस वर्ष के शुरुआती महीने जनवरी में सभी तरह की सड़क दुर्घटनाओं व मरने वालों की संख्या में कमी देखी गई थी। गैर चोट लगने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 36.4, साधारण में 2.9, घातक सड़क दुर्घटनाओं में 15, घायलों की संख्या में 7 और मरने वालों की संख्या में 15 फीसदी की कर्मी देखी गई।
पुलिस के प्रयासों से मरने वालों की संख्या कम हुई
दिल्ली यातायात पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य दिल्ली की सड़कों पर यातायात के कुशल और सुरक्षित प्रवाह को सुनिश्चित करना है। इस प्रकार, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस दिल्ली की सड़कों पर यातायात कानूनों की देखरेख के अलावा यातायात दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भी समय समय पर कदम उठाती है। दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर दुर्घटना स्थलों का स्थानिक विश्लेषण किया गया। विश्लेषण का लक्ष्य उन स्थानीय जोखिम कारकों की पहचान करना था। ऐसे में पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के अलावा दुर्घटनाओं के कारणों का दूर किया किया गया। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस लोगों को स्कूल, कॉलेज, व अन्य जगहो पर जाकर जागरूक किया जा रहा है।
रात में सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है
राष्ट्रीय राजधानी में रात में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है। रात में वाहन बेलगाम हो जाते है। एक जनवरी ले लेकर 15 मार्च तक के आंकड़ों को देखें तो रात में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 441 लोग घायल हुए है और 153 लोगों की मौत हुई है। हालांकि पिछले वर्ष की इस अवधि के मुकाबले इस वर्ष रात में मरने वालों की संख्या में काफी कमी आई है।
सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है। इन कारणों का विश्लेषण करने के साथ ही उचित कदम व कर्मियों को दूर किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि लोग सड़कों पर सुरक्षित यात्रा करें।
- एसजीएस धारीवाल, विशेष पुलिस आयुक्त, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस