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Yoga: योग के सहारे जल्द ठीक हो रही रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोट, सर्जरी के बाद रिकवरी में लगता है लंबा समय

Tue, 03 Sep 2024 05:29 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

योग के सहारे रीढ़ की हड्डी में लगी गंभीर चोट की रिकवरी तेजी से होती है। साथ ही उन अंगों में भी जान आने की संभावना बढ़ जाती है, जिसे लेकर डॉक्टर आशंकित रहते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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योग के सहारे रीढ़ की हड्डी में लगी गंभीर चोट की रिकवरी तेजी से होती है। साथ ही उन अंगों में भी जान आने की संभावना बढ़ जाती है, जिसे लेकर डॉक्टर आशंकित रहते हैं। स्पाइन सर्जन के शोध बताते हैं कि योग की मदद से ऐसे अंग भी काम करना शुरू कर देते हैं, जिन पर उम्मीद कम रहती है।    

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विशेषज्ञों का कहना है कि चोट के दौरान यदि स्पाइनल कोड व मस्तिष्क में सेल प्रभावित हो जाते हैं तो उन्हें फिर से जीवित नहीं किया जा सकता। ऐसे में संबंधित अंग काम करना बंद कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में देखा गया है कि गंभीर चोट लगने के बाद भी मरीज यदि इलाज के साथ योग को जोड़ता है तो सुधार के परिणाम काफी बेहतर होते हैं। 

स्पाइन सर्जन डॉ. एचएस छाबड़ा बताते हैं कि उनके पास एक गंभीर मामला आया था। 24 जुलाई 2022 को लद्दाख में ट्रैकिंग कर रहे 29 साल के फिल्म निर्माता फैबियन लेंट्सच पैराग्लाइडिंग करते हुए गंभीर दुर्घटना के शिकार हुए। उन्हें 27 जुलाई को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया। यहां उसी रात उनकी सर्जरी की गई, लेकिन हालत देखकर नहीं लगा कि ज्यादा सुधार होगा। उनके पीठ के मध्य में एक कशेरुका फट गई। इस कारण उनकी रीढ़ की हड्डी दब गई। उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद उनमें सुधार देखा गया। उन्होंने इलाज के साथ योग को भी शामिल किया। अब करीब दो साल बाद वह बैसाखी के सहारे चलने लगे हैं। साथ ही वह तैराकी के लिए गोताखोरी तक कर पा रहे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में शरीर में और सुधार होगा। उनका कहना है कि डॉक्टरों की देखरेख में उपयुक्त योग क्रिया करना काफी फायदेमंद साबित होता है।    
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48 घंटे में होनी चाहिए सर्जरी    
डॉक्टरों का कहना है कि स्पाइन के चोट में 48 घंटे के अंदर उपयुक्त सर्जरी करनी जरूरी होती है। समय पर सर्जरी करवाने से सेल को बचाए रखने में मदद मिलती है। डॉ. छाबड़ा का कहना है कि जैसे-जैसे कमर के ऊपर के हिस्से में जाते हैं, उस हिस्से में लगने वाली चोट की स्थिति गंभीर होती चली जाती है।

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