इन दिनों दिल्ली में कई ज्वलंत मुद्दे हैं। कुछ मुद्दों पर धार्मिक सौहार्द खराब हो सकता है। हरियाणा आदि जगहों पर विधानसभा चुनाव हैं। त्योहारों का मौसम है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त ने नई दिल्ली, उत्तर और मध्य जिलों के अलावा दिल्ली की राज्य सीमाओं पर क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 163 (पहले आईपीसी की धारा 144) लगा दी है।
इसके तहत पांच या उससे अधिक लोग एक साथ एकत्रित नहीं हो सकते। ये प्रतिबंध 30 सितंबर से पांच अक्तूबर तक लगाया गया है। अगर किसी ने इसका उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा की ओर से सोमवार को जारी एक आदेश में कहा गया कि ऐसी सूचना मिल रही है कि कई संगठनों ने अक्तूबर 2024 के पहले सप्ताह में दिल्ली क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन, अभियान आदि विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति और आयोजित करने का आह्वान किया है। दिल्ली में आम माहौल कानून और व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, क्योंकि वर्तमान में विभिन्न मुद्दे हैं। ऐसे में धरना-प्रदर्शन आदि की अनुमति नहीं दी जा सकती।
आदेश में प्रतिबंध के ये मुद्दे बनाए गए
- प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक।
- सदर बाजार क्षेत्र में शाही ईदगाह का मुद्दा।
- एमसीडी स्थायी समिति के चुनाव का राजनीतिक मुद्दा।
- डूसू चुनावों के परिणामों की घोषणा लंबित होना।
- महात्मा गांधी की 2 अक्तूबर को जयंती है। ऐसे में नई दिल्ली और मध्य जिले के क्षेत्रों में वीवीआईपी और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही होगी।
- जम्मू, कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। इस कारण दिल्ली की सीमाओं पर नजर रखनी होगी।
- चुनावों के मद्देनजर, राज्यों से आए प्रवासियों द्वारा बसाए गए क्षेत्रों से कुछ शरारती तत्व माहौल खराब कर सकते हैं।
- दशहरा और दीपावली के साथ त्योहारों का मौसम भी नजदीक है।