दूसरे चरण के तहत छात्रों को सीयूईटी अंकों के अलावा कोर्स व कॉलेज की वरीयता भरनी है। इसके आधार पर तय होगा कि किस छात्र को किस कॉलेज में दाखिला मिल सकता है। छात्रों को वरीयता भरते हुए ध्यान देना है कि उन्हें उनके अंकों के हिसाब से कौन से कोर्स व कॉलेज भरना है। ऐसे में छात्रों को सलाह है कि कोर्स व कॉलेज की वरीयता ध्यान से भरें। हालांकि, छात्रों को अधिक से अधिक कोर्स व कॉलेज को भरना है।
30 सितंबर तक दस्तावेज कर लें तैयार
दाखिला की नई प्रक्रिया के तहत छात्रों को समय से अपने दस्तावेजों को भी समय से तैयार रखना होगा। इस संबंध में डीयू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि छात्रों को 30 सितंबर तक अपने दस्तावेजों का तैयार रखना होगा। दाखिले के दौरान छात्रों का दस्तावेजों के सत्यापन किया जाएगा, इसके बाद दाखिला सुनिश्चित हो जाएगा। हालांकि, छात्रों को सलाह है कि अंतिम समय में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए समय से दस्तावेजों का सत्यापन पूरा करना है।
आवंटित सीट को छोड़ने पर हो जाएंगे सिस्टम से बाहर
डीयू में दाखिला की नई प्रक्रिया के तहत छात्रों को सावधानी से प्रक्रिया को पूरा करना है। ऐसे में यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि किसी छात्र को दाखिला प्रक्रिया में सीट आवंटित हो जाती है, तो उसे उस सीट को स्वीकार करना होगा। यदि छात्र आवंटित सीट को स्वीकार नहीं करता है, तो छात्र को सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसे में छात्रों को सलाह है कि दाखिला सुनिश्चित करने के लिए सीट स्वीकार करें। सीट आवंटन के बाद छात्रों की योग्यता व दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा होने पर सीट पक्की हो जाएगी।
पंजीकरण प्रक्रिया भी रहेगी जारी
डीयू में बेशक सोमवार से दाखिला का दूसरा चरण शुरू हो रहा है, हालांकि पहला चरण भी अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि छात्र आगामी 10 अक्तूबर तक कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। साथ ही कॉलेज व कोर्स की वरीयता को भी भर सकेंगे। बता दें कि इस साल डीयू से संबद्ध 67 कॉलेजों के 79 यूजी कोर्स की 70 हजार सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया चल रही है, जबकि बीते वर्ष कुल 65 हजार सीटों के लिए दाखिले की दौड़ चली थी।