मेट्रो फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर यात्रियों को तमाम आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम होंगे। अब एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की तर्ज पर तीनों कॉरिडोर के 18 किलोमीटर के दायरे में 18 भूमिगत स्टेशनों पर 2.15 मीटर की ऊंचाई के प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) लगेंगे।
मेट्रो के पहुंचने से पहले सभी दरवाजे बंद रहेंगे, ऐसे में न तो यात्रियों के चोटिल होने का खतरा रहेगा और न ही छलांग लगा सकेगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए मेट्रो गेट के साथ ही प्लेटफाॅर्म पर लगे स्क्रीन डोर भी खुलेंगे। इससे मेट्रो के रवाना होने पर यात्रियों को गेट में फंसने की चिंता भी नहीं सताएगी। फेज-4 के शेष स्टेशनों पर भी कम ऊंचाई के पीएसडी लगेंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर का मौका मिल सके।
तीनों कॉरिडोर पर बन रहे 46 स्टेशन
मेट्रो फेज-4 के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के तीनों कॉरिडोर पर 46 मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और सफर में सुरक्षा के लिहाज से स्क्रीन डोर लगाए जा रहे हैं। फिलहाल एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित कुछ और स्टेशनों पर भी ऐसे स्क्रीन डोर लगे हैं। खास बात यह है कि फेज-4 के तीनों कॉरिडोर एयरोसिटी-तुगलकाबाद, मुकुंदपुर-मौजपुर और आरके आश्रम-जनकपुरी पश्चिम के सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) लगाए जाएंगे। 18 भूमिगत स्टेशनों पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की तर्ज पर पूरी ऊंचाई (2.15 मीटर) के पीएसडी लगेंगे। शेष 28 एलिवेटेड स्टेशनों पर पिंक और मजेंटा और येलो लाइन के स्टेशनों की तरह ही आधी ऊंचाई के स्क्रीन डोर लगाए जाएंगे।
चोटिल होने का नहीं रहेगा खतरा
फिलहाल दिल्ली मेट्रो के ज्यादातर स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर स्क्रीन डोर नहीं लगे हैं। फेज-4 के सभी स्टेशनों पर इसके लगने से यात्री सफर में खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। इससे मेट्रो के दरवाजे बंद होने पर इसमें फंसने का भी खतरा नहीं रहेगा। कई बार जल्दबाजी में लोग दौड़कर मेट्रो में प्रवेश करते हैं। इस दौरान अगर दरवाजा बंद हो रहा है तो चोटिल होने का खतरा बना रहता है। प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर के लगने से यात्रियों के लिए पहले ही स्क्रीन डोर बंद हो जाएंगे ताकि उन्हें किसी तरह की चिंता नहीं रहे। अगर चंद सेकेंड की भी देरी हो जाए तो दरवाजा बंद होने का खतरा नहीं रहेगा।