दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन के साक्षियों के साक्ष्य में किसी भी प्रकार का विरोधाभास नहीं है। अभियोजन की तरफ से परीक्षित साक्ष्यों द्वारा अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत किए गए अभिलेखीय साक्ष्यों को साबित करते हैं। इसलिए उक्त मामले में आरोपी आशु जाट को दोषी करार दिया जाता है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है तो उसे नौ माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मुंबई में फल बेचता पकड़ा गया था आशु
आशु जाट उर्फ प्रवीण कुमार उर्फ राजेंद्र मूल रूप से मेरठ जिले के गांव लौटी का निवासी है। वह धौलाना में दो भाजपा नेताओं चंद्रपाल, राकेश शर्मा और नोएडा के गौरव चंदेल की हत्या के मामले में फरार चल रहा था। उसके खिलाफ संगीन धाराओं में 52 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी हत्या के बाद करीब डेढ़ साल तक फरार रहकर मुंबई में फल बेच रहा था। आरोपी वेष बदलने में माहिर था। जिस समय उसे गिरफ्तार किया गया, उसने लंबी दाढ़ी बढ़ा रखी थी। पुलिस को उसे पहचानने में काफी दिक्कत हुई थी। उस समय आरोपी काफी चर्चाओं में रहा था।