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Hapur: पुलिस हिरासत से भागने के मामले में मिर्ची गैंग के सरहना आशु को तीन साल की सजा, मुंबई से ला रही थी टीम

Sat, 21 Jan 2023 09:56 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़

सार

जब पुलिस उसको लेकर आ रही थी तो निजामपुर कट के पास आशु जाट ने लघुशंका करने की बात कही। अंधेरे का फायदा उठाते हुए वह एक सिपाही की पिस्टल छीनकर भाग निकला था, लेकिन पुलिस ने उसे दोबारा दबोच लिया था।
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मिर्ची गैंग का सरगना आशु जाट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्ची गैंग के सरगना व अपराधी आशु जाट को पुलिस हिरासत से भागने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इसमें उसे तीन वर्ष के कारावास की सजा व 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। करीब ढाई साल पहले मुंबई से हापुड़ लाते समय उसने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया था।

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संयुक्त निदेशक अभियोजन अधिकारी मुकेश गोयल व अभियोजन अधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम ने बताया कि पुलिस ने नगर कोतवाली में कुख्यात अपराधी आशु जाट के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराई। उसमें उसने कहा कि पुलिस अपने उच्च अधिकारी के आदेश पर आशु जाट को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई गई थी। जहां पुलिस ने महाराष्ट्र राज्य पुलिस के सहयोग से ढाई लाख रुपये के ईनामी अपराधी आशु जाट को पांच सितंबर 2020 को मुंबई से गिरफ्तार किया। उसके बाद पुलिस ने आशु जाट को मुंबई में एक न्यायालय में पेश किया जहां से पुलिस ने उसका ट्रांजिट रिमांड लेकर निजी कार से हापुड़ के लिए रवाना हुई। जब पुलिस उसको लेकर आ रही थी तो निजामपुर कट के पास आशु जाट ने लघुशंका करने की बात कही।

अंधेरे का फायदा उठाते हुए वह एक सिपाही की पिस्टल छीनकर भाग निकला। उसने हाथ में बंधी लोहे की हथकड़ी से पुलिस कर्मियों पर वार भी किए। लेकिन पुलिस ने उसे दोबारा दबोच लिया। उक्त मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही थी जहां पर सरकारी पक्ष की तरफ से उनके द्वारा पैरवी की गई। उनके द्वारा न्यायालय के समक्ष मजबूत साक्ष्य पेश किए गए। साथ ही मामले के चश्मदीद गवाहों की मजबूत गवाही भी न्यायालय में कराई। 

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दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन के साक्षियों के साक्ष्य में किसी भी प्रकार का विरोधाभास नहीं है। अभियोजन की तरफ से परीक्षित साक्ष्यों द्वारा अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत किए गए अभिलेखीय साक्ष्यों को साबित करते हैं। इसलिए उक्त मामले में आरोपी आशु जाट को दोषी करार दिया जाता है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है तो उसे नौ माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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मुंबई में फल बेचता पकड़ा गया था आशु
आशु जाट उर्फ प्रवीण कुमार उर्फ राजेंद्र मूल रूप से मेरठ जिले के गांव लौटी का निवासी है। वह धौलाना में दो भाजपा नेताओं चंद्रपाल, राकेश शर्मा और नोएडा के गौरव चंदेल की हत्या के मामले में फरार चल रहा था। उसके खिलाफ संगीन धाराओं में 52 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी हत्या के बाद करीब डेढ़ साल तक फरार रहकर मुंबई में फल बेच रहा था। आरोपी वेष बदलने में माहिर था। जिस समय उसे गिरफ्तार किया गया, उसने लंबी दाढ़ी बढ़ा रखी थी। पुलिस को उसे पहचानने में काफी दिक्कत हुई थी। उस समय आरोपी काफी चर्चाओं में रहा था।
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