आम आदमी पार्टी ने बिना प्रमाण और बयान के ईडी पर झूठा केस बनाने का आरोप लगाया। सांसद संजय सिंह ने ईडी की ओर से केस बनाने का पर्दाफाश करते हुए कहा कि उनका आबकारी नीति मामले से कोई वास्ता नहीं है। इसके बावजूद ईडी की चार्जशीट में उनका नाम आना हैरान करने वाला है। दरअसल उन्होंने संसद में ईडी के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसलिए उनके खिलाफ ईडी ने यह साजिश रची। उन्होंने गत 12 दिसंबर को संसद में ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग पर भाषण दिया था और छह जनवरी को ईडी की चार्जशीट में उनका नाम आ गया।
पार्टी मुख्यालय में बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में आप नेता संजय सिंह ने सवाल किया कि जब ईडी के पास मेरे खिलाफ कोई बयान नहीं है तो किसके कहने पर वह उनका नाम बदनाम कर रही है। वह ईडी के अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे। उन्होंने कहा कि ईडी की चार्जशीट में गत एक अक्तूबर को दिनेश अरोड़ा के बयान के आधार पर उनकी एक शराब की दुकान का ट्रांसफर उनके कहने पर मनीष सिसोदिया ने किया। उन्होंने ईडी के इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया को निर्देश देने वाले वह कौन होते हैं। उन्होंने साफ किया कि इस मामले का आबकारी नीति से कोई लेना-देना नहीं है।
गिरफ्तारी का सता रहा डर: सचदेवा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप सांसद संजय सिंह के बयान को लेकर उन पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उनको गिरफ्तारी का डर सता रहा है, क्योंकि उन्हें एहसास हो रहा है कि ईडी का समन और वारंट किसी भी दिन उनके दरवाजे पर आ सकता है। दरअसल संजय सिंह हर दिन शराब कारोबारी दिनेश अरोड़ा के पक्ष में बोल रहे हैं और उन्हें पता है कि अरोड़ा की गवाही से न सिर्फ मनीष सिसोदिया, बल्कि संजय सिंह और आने वाले समय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी फंस जाएंगे।