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राजकुमार आनंद के इस्तीफे पर बोली 'आप': 'यह सरकार गिराने की साजिश', विधायकों को लेकर सौरभ भारद्वाज का बड़ा दावा

Wed, 10 Apr 2024 09:10 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पहली प्रतिक्रिया दी। संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर निशाना साधा और ईडी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमें राजकुमार आनंद से नफरत नहीं है, क्योंकि वो सालों तक जेल में सड़ाए जाने की बात सुनकर डर गए और इस्तीफा दे दिया।
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आप नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी द्वारा भाजपा पर दिल्ली में विधायकों की तोड़-फोड़ करने का लगाया जा रहा आरोप सच होने लगा है। नवंबर 2023 में 23 घंटे तक ईडी की रेड का सामने करने वाले दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री और व्यापारी राजकुमार आनंद ने बुधवार को अपने पद और ‘‘आप’’ की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अचानक आए उनके इस्तीफे पर ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि अब यह साबित हो गया है कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने के इरादे से ही अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया है। हम पहले दिन से ही यही कह रहे हैं कि ईडी की कार्रवाई के पीछे का मकसद भ्रष्टाचार को उजागर करना नहीं है, बल्कि दिल्ली-पंजाब में ‘‘आप’’ की सरकार गिराना है। 

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आप विधायकों को लेकर संजय सिंह का बड़ा दावा
कैबिनेट मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफा देने को लेकर ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। इस दौरान सांसद संजय सिंह ने कहा कि हमसे एक सवाल बार-बार पूछा जाता था कि आम आदमी पार्टी को ऐसा क्यों लगता है कि ईडी की छापेमारी से पार्टी और विधायक टूट सकते हैं, वो आज साबित हो गया। हम पहले कई बार कह चुके थे कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने के पीछे की मंशा आम आदमी पार्टी को तोड़कर खत्म करना है। भाजपा का बस यही काम है कि ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल कर विधायकों, मंत्रियों को तोड़ो और फिर अपनी पार्टी में शामिल करो। यही काम इन्होंने महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश में भी किया है। 

सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह वक्त आम आदमी पार्टी के लिए परीक्षा का है। यह समय हर मंत्री और विधायक के लिए परीक्षा का है। यह वक्त आने वाले समय में बताएगा कि क्या हमें बहादुर के रूप में याद किया जाएगा या फिर कायर के तौर पर याद किया जाएगा। इस बात को इतिहास में दर्ज किया जाएगा कि कैसे आम आदमी पार्टी वालों ने भ्रष्ट, बेईमान और गुंडागर्दी करने वाली पार्टी बीजेपी का मुकाबला किया था। 
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ईडी ने राजकुमार आनंद के यहां छापा मारा
उन्होंने कहा कि यह वही राजकुमार आनंद हैं, जिनके वहां 23 घंटे तक ईडी का छापा पड़ा था। उस समय पूरी बीजेपी चिल्ला-चिल्ला कर कह रही थी कि राजकुमार आनंद भ्रष्ट है। सबको अब जल्द ही बीजेपी का असली चाल, चरित्र और चेहरा दिखाई पड़ जाएगा कि जिसको भाजपाई भ्रष्टाचारी बता रहे थे, जब उसको जेपी नड्डा, अमित शाह समेत बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व माला पहना कर भाजपा में शामिल करेंगे। इसके बाद भाजपाई अपने चेहरे पर कालिख लगाकर घूमेंगे। भाजपा का केवल एक चरित्र है कि विपक्षी पार्टियां तोड़कर सरकारों को गिराओं और लोकतंत्र-संविधान को खत्म करो। लेकिन आम आदमी पार्टी के निष्ठावान मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता इन विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला करेंगे। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद भी पूरी पार्टी एकजुट है। 

पार्टी को तोड़ना है भाजपा की मंशा
इस दौरान आम आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज के कहा कि हमने पहले भी कई बार बताया था कि सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने के पीछे इनकी मंशा पार्टी को तोड़कर दिल्ली और पंजाब की सरकारों को गिराना है। सीएम अरविंद केजरीवाल इस बात को बार-बार कह रहे थे। आज बहुत लोगों को लगेगा कि हमें राज कुमार आनंद से बहुत नफरत है। हम उनको धोखेबाज और बेईमान कहेंगे, लेकिन हम उनको ऐसा कुछ नहीं कहेंगे। एक परिवार चलाने वाला आदमी जिसके बच्चे हैं, समाज में इज्जत और रिश्तेदार हैं।

उनसे इस्तीफा दिलवाया गया
आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पटेल नगर एक सुरक्षित सीट है। राजकुमार आनंद ये बात अच्छे से जानते हैं कि सुरक्षित सीट पर अगर वो बीजेपी से लड़ेंगे तो बुरी तरह से हारेंगे और तीसरे नंबर पर आएंगे। वो उस सीट से इसलिए जीते क्योंकि आम आदमी पार्टी के टिकट से लड़े थे। वो सालों तक कई पार्टियों में रहे हैं, उनको ये बात पता है कि बीजेपी का वहां क्या हाल होता है। इसके बावजूद उनसे इस्तीफा दिलवाया गया। उन्होंने पार्टी और अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 

कौन आदमी ऐसा करेगा?
आगे कहा कि पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अब वो विधायक भी नहीं रहे। कौन आदमी ऐसा करेगा? किसी को अगर पार्टी से दिक्कत भी होगी तो वो सोचेगा कि पहले मैं अपना कार्यकाल पूरा करता हूं और जनता के बीच अपनी जगह बनाता हूं। कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी से इस्तीफा देकर जो पार्टी पसंद आएगी, उससे चुनाव लड़ेंगे। लेकिन ये तो सीधे-सीधे राजनीतिक सुसाइड और आग में कूदने जैसा है। कोई आदमी सुसाइड कर रहा है तो सोचने वाली बात है कि उसके सामने कैसी परिस्थितियां पैदा कर दी गईं होंगी कि वो ऐसा करने पर मजबूर है। एक चुने हुए विधायक और मंत्री को इतना डरा दिया गया कि वो इस्तीफा देने के लिए छोटे से किसी कमरे में छिपकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है।

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