दिल्ली के साकेत कोर्ट में हुई गोलीबारी की घटना में पीड़िता के वकील ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल को आरोपी की ओर से जान से मारने की लगातार धमकी मिल रही थीं। पीड़िता ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। अदालत ने उसे सुरक्षा देने का आदेश दिया था। इस पर पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
लेन-देन के मामले में जमानत पर थी पीड़िता
पीड़िता एम राधा के वकील राजेंद्र झा ने बताया कि राधा का आरोपी कामेश्वर सिंह से कुछ वित्तीय लेन-देन का मामला चल रहा था। वहीं राधा को तीन माह की न्यायिक हिरासत के बाद 17 मार्च को जमानत मिली थी। उसके बाद से उसे आरोपी की ओर से धमकी मिल रही थीं। जब वह अदालत पहुंची तो आरोपी ने उन्हें गोली मार दी गई।
आरोपी पर पहले भी अन्य मामले में हो चुकी है कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़िता के वकील ने यह भी दावा किया कि कामेश्वर पटियाला हाउस कोर्ट में एक महिला वकील के साथ प्रैक्टिस करता था। इस दौरान उसने उसके फ्लैट पर अवैध कब्जा कर लिया था। महिला वकील की शिकायत करने पर उसने कई बार धमकी दी थी। जिसके बाद महिला ने बार काउंसिल में शिकायत की। इसके बाद कामेश्वर को सितंबर 2022 को दो साल के लिए निलंबित किया गया था। महिला वकील ने महरौली थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।