अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने संपत्ति के अनुपातहीन स्रोत मामले में एक रिटायर्ड आर्मी अधिकारी की दोषसिद्धि रद्द कर दी है। अदालत ने 2016 में ट्रायल कोर्ट के एक साल की सजा के फैसले को भी पलट दिया। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर की अपील को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार का एक भी मामला बिना सजा के नहीं रहना चाहिए लेकिन दोषसिद्धि किसी भी लापरवाही या सरसरी तरीके से नहीं दी जा सकती। न्यायाधीश ने कहा, भ्रष्टाचार के आरोप किसी की इज्जत और प्रतिष्ठा पर लंबा साया डालते हैं, खासकर भारतीय सेना के अधिकारी होने पर इसके परिणाम और भी गंभीर होते हैं।