मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के निवासी मुआवजे के रूप में किराये का इंतजार कर रहे हैं। एक तरफ डीडीए ने उनके असुरक्षित घरों को गिराने के लिए टेंडर जारी कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ निवासियों को अभी तक वादा किया गया किराये का मुआवजा नहीं मिला है।
डीडीए ने इमारत की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 336 फ्लैट वाले सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को खतरनाक इमारत घोषित करते हुए इसे ध्वस्त करने के लिए ई-टेंडर जारी किया है। अपार्टमेंट परिसर के निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह राकेश ने बताया कि 111 निवासी पहले ही अपने फ्लैट खाली कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक डीडीए से किराये के मुआवजे का इंतजार है।
राकेश ने कहा कि निवासियों को यह आश्वासन दिया गया था कि फ्लैट खाली करने के बाद उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 111 परिवारों के चले जाने के बावजूद अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर में डीडीए को तीन महीने के भीतर फ्लैट खाली कराने और तत्काल किराया सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
तीन बेडरूम वाले फ्लैट में रहने वाले निवासियों को हर माह 50,000 रुपये और दो बेडरूम वाले फ्लैट के निवासियों को 38,000 रुपये हर माह किराये के तौर पर देने का वादा किया गया है। हालांकि, कई निवासी अभी भी अपने होम लोन की ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं। इसके कारण वे एक साथ किराया और ईएमआई दोनों का भुगतान करने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इसलिए उनके लिए अपने फ्लैट खाली करना कठिन हो रहा है।