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Republic Day parade: शिक्षा की झांकी में ज्ञान की विरासत, आर्यभटट, एनईपी, डिजिटल कौशल, विकसित भारत का संदेश

Fri, 23 Jan 2026 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस बार परेड में 30 झांकियों में 17 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पेश करेंगे।
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छत्तीसगढ़ की झांकी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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77 वें गणतंत्र दिवस परेड में कर्त्तव्य पथ पर दुनिया शिक्षा की झांकी में भारत की चिरस्थायी ज्ञान विरासत में आर्यभट्ट, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, डिजिटल कौशल से लेकर विकसित भारत 2047 की झलक दिखने को मिलेगी।

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इस बार परेड में 30 झांकियों में 17 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पेश करेंगे। जबकि केंद्र सरकार के मंत्रालयों की झांकियों में वंदे मातरम के 150 साल और समृद्धि का मंत्र, आत्मनिर्भर भारत थीम दिखेगी।दिल्ली कैंट स्थित रंगशाला में बृहस्पतिवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा मंत्रालय ने अपनी झांकियों के बारे में जानकारी दी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय : चिरस्थायी ज्ञान विरासत को सम्मानित करते हुए पीएम श्री स्कूलों के गौरवशाली स्तंभ के तले और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिकल्पना को साकार करती है। झांकी के अग्रभाग में, शून्य और ग्लोब पकड़े बच्चों को आर्यभटट आर्शीवाद दे रहे हैं। ये बच्चे विश्व में भारत के योगदान और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के लिए तैयार पीढ़ी का प्रतीक हैं।
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गृहमंत्रालय की झांकी में नए कानूनों के दंड से न्याय की ओर की झलक: केंद्रीय गृहमंत्रालय की झांकी नए कानूनों पर आधारित है, जिसमें दंड से न्याय की ओर का संदेश दिखेगा। झांकी के अग्र भाग में नए संसद भवन के ऊपर स्थापित तीन नई कानून पुस्तकों को दर्शाया है। मध्य भाग में वैज्ञानिक जांच जबकि पिछले भाग में एक महिला अधिकारी नियंत्रण कक्ष प्रणाली संचालित करते हुए दिखेगी।

लददाख गलवान के शहीदों को देगा श्रद्धाजंलि : लददाख की झांकी विज्ञान, बलिदान, संस्कृति, प्रकृति और राष्ट्रीय सुरक्षा का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। प्रमुख भाग में खगोलीय वेधशाला में भारत के पहले डार्क स्काई अभयारण्य का हिस्सा है तो गलवान घाटी में शहीदों को श्रद्धाजंलि भी अर्पित की गई है।

छत्तीसगढ़ वंदे मातरम के साथ जनजातीय वीरों को करेगा याद
छत्तीसगढ़ की झांकी में वंदे मातरम के साथ जनजातीय वीरों को याद करेगा। यहां दर्शक जनजातीय वीरों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय को देखेंगे। इसमें 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता संग्रामों को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से संजोया गया है। यहां 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर समेत कई वीरों को जानने का मौका मिलेगा।

संस्कृति मंत्रालय वंदे मातरम के 150 वर्ष का जश्न मनाएगा: केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय अपनी झांकी में वंदे मातरम के 150 वर्ष का जश्न मनाएगा। इसमें राष्ट्रीय गीत को भारत की सभ्यतागत स्मृति, सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक निरंतरता की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है।

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