दादरी के बील अकबरपुर गांव निवासी ज्ञानेंद्र भाटी के इकलौते पुत्र रविंद्र भाटी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। शुरूआत में रविंद्र भाटी की आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन जब रेलवे ट्रैक पर पड़े रविंद्र भाटी का फोटो सामने आया तो उसकी हत्या के आरोप लगने लगे। वहीं, ये भी पता चला था कि रविन्द्र का उसकी से विवाद हुआ था। 19 अक्तूबर को रविंद्र की पत्नी का भाई मामला शांत कराने का हवाला देकर अपनी बहन को साथ ले गया था।
इसी दिन एक राजस्थान निवासी एक किराएदार को लेकर रविंद्र अपने दोस्तों के पास जाने के लिए निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह रविंद्र का शव अजायबपुर चौकी के पास रेलवे ट्रैक से बरामद हुआ। परिजन ने दावा किया है कि शव के हाथ पर रविन्द्र का नाम, गांव का नाम और उसके साले का नाम लिखा था। लेकिन हैंडराइटिंग रविंद्र की नहीं थी। वहीं, किराएदार कुलदीप ने विरोधाभाषी बयान दिए। ऐसे में परिजनों ने रविंद्र की साजिश रचकर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में जांच कर रहे चौकी प्रभारी की कार्यशैली पर भी परिजन घटना के बाद से सवाल खड़े कर रहे हैं।