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खाकी की कार्यशैली पर सवाल: पहले केस दर्ज कराने के लिए भटके परिजन, अब कार्रवाई की लगा रहे गुहार

Sun, 04 Dec 2022 07:57 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

परिजन हत्या के बाद से ही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। डीसीपी ग्रेटर नोएडा अभिषेक वर्मा का कहना है कि इस मामले की पुलिस जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के बील अकबपुर गांव निवासी रविंद्र भाटी की 19 अक्तूबर को हत्याकर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। केस दर्ज कराने के लिए परिजन ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। तब जाकर केस दर्ज किया गया। लेकिन अब तक आरोपियों की पहचान न होने के कारण एक बार फिर परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजन ने मामले में ट्विट कर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं। परिजन जल्द पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।

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दादरी के बील अकबरपुर गांव निवासी ज्ञानेंद्र भाटी के इकलौते पुत्र रविंद्र भाटी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। शुरूआत में रविंद्र भाटी की आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन जब रेलवे ट्रैक पर पड़े रविंद्र भाटी का फोटो सामने आया तो उसकी हत्या के आरोप लगने लगे। वहीं, ये भी पता चला था कि रविन्द्र का उसकी से विवाद हुआ था। 19 अक्तूबर को रविंद्र की पत्नी का भाई मामला शांत कराने का हवाला देकर अपनी बहन को साथ ले गया था। 
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इसी दिन एक राजस्थान निवासी एक किराएदार को लेकर रविंद्र अपने दोस्तों के पास जाने के लिए निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह रविंद्र का शव अजायबपुर चौकी के पास रेलवे ट्रैक से बरामद हुआ। परिजन ने दावा किया है कि शव के हाथ पर रविन्द्र का नाम, गांव का नाम और उसके साले का नाम लिखा था। लेकिन हैंडराइटिंग रविंद्र की नहीं थी। वहीं, किराएदार कुलदीप ने विरोधाभाषी बयान दिए। ऐसे में परिजनों ने रविंद्र की साजिश रचकर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में जांच कर रहे चौकी प्रभारी की कार्यशैली पर भी परिजन घटना के बाद से सवाल खड़े कर रहे हैं।
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