अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट मामले में सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिन के लिए बढ़ा दी है। यह फैसला विशेष एनआईए अदालत ने दिया, जिसमें डॉ. आदिल अहमद, जासिर बिलाल, मुजम्मिल, शाहीन, मुफ्ती इरफान सहित सात आरोपियों को शामिल किया गया है। कोर्ट ने एनआईए को जांच जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला के निकट एक कार में भीषण विस्फोट हुआ था। इस धमाके में कम से कम 11-13 लोगों की मौत हुई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। विस्फोट में करीब 40 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है।एनआईए ने इस मामले की जांच संभाली है और अब तक 11 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकांश आरोपी जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों से हैं। जांच एजेंसी बड़े षड्यंत्र की आशंका जता रही है और आरोपियों के बीच कोड वर्ड्स के इस्तेमाल का खुलासा भी हुआ है। फरवरी 2026 में कोर्ट ने एनआईए को जांच पूरी करने के लिए 45 अतिरिक्त दिन दिए थे। अब मार्च 2026 में न्यायिक हिरासत बढ़ाने का फैसला आया है, जिससे जांच में और देरी होने की संभावना है।