पहले खंड में रैपिड रेल का संचालन मार्च 2023 में होना है। ऐसे में कॉरिडोर का संचालन शुरू होने से पहले तक ट्रायल रन में विभिन्न स्तर पर प्रणालियों की जांचने के साथ अगर कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर किया जाएगा। वर्तमान में मुख्य ट्रायल रन की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब ट्रायल रन के लिए जरूरी ओवर हेड यूनिट (ओएचई) लाइन, सिग्नल और पटरियों पर काम अंतिम चरण में चल रहा है। तीनों बिंदुओं पर काम पूरा होते ही ट्रायल रन को हरी झंडी दे दी जाएगी।
सटीक समय पर मिलेगी ट्रेन, सिग्नल प्रणाली अहम
रैपिड रेल कॉरिडोर में यात्रियों को बिल्कुल सटीक समय पर ट्रेन मिलेगी। ऐसे में पहली बार कॉरिडोर में अत्याधुनिक यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) का इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करने के उद्देश्य से नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से लाई गई ईटीसीएस प्रणाली दुहाई डिपो में प्रारंभिक परीक्षण किया जा चुका है। अब मुख्य ट्रायल रन में इस प्रणाली की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
मेरठ रोड तिराहा व दुहाई स्टेशन का काम तेज
पहले खंड में साहिबाबाद, गुलधर और दुहाई डिपो स्टेशन में निर्माण संबंधी कार्य पूरा होने के बाद फिनिशिंग का काम तेज गति से जारी है। तीन तीनों स्टेशनों के प्रवेश व निकास मार्ग का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। ऐसे में कॉरिडोर के सबसे ऊंचे मेरठ रोड तिराहा स्टेशन और दुहाई स्टेशन पर ओएचई लाइन, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर और सिग्नल का काम अंतिम चरण में चल रहा है।
दिसंबर में होगा मुख्य ट्रायल रन
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि पहले खंड के मुख्य ट्रायल रन के लिए ओएचई, सिग्नल और ट्रैक के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य ट्रायल रन दिसंबर में होगा। इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम दिन-रात ट्रायल रन की तैयारियों में जुटी हुई है।