जबकि चिराग दिल्ली की श्री धार्मिक लीला कमेटी दक्षिण दिल्ली के अध्यक्ष राकेश गुलिया ने बताया कि ऋषि विश्वामित्र का दशरथ के दरबार में पधारने और राम एवं लक्ष्मण को मांग कर अपने साथ ले जाने, राम के यज्ञ की रक्षा करने और ताड़का का संहार करने की लीला की गई। श्री रामलीला कमेटी पी यू ब्लॉक पीतमपुरा ने रावण वेदवती संवाद, राम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया गया। कमेटी के उपाध्यक्ष संजय बगाड़िया ने बताया कि ताड़का का पुतला भी जलाया गया। वहीं रामलीला कमेटी अशोक विहार फेस-एक ने राम जन्म व रावण तपस्या की लीला कराई, वहीं आदर्श रामलीला कमेटी अशोक विहार फेस-दो की रामलीला में प्रभु जन्म, विश्वामित्र आगमन और ताड़का वध का मंचन हुआ। जबकि श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के अध्यक्ष सुरेश बिंदल ने बताया कि उनके ने रावण व उसके भाइयों की तपस्या, भगवान विष्णु का राम के रूप में अवतार लेने का मंचन कराया।
सबसे पुरानी कमेटी करा रही सादगी से मंचन
दिल्ली की ही नहीं, बल्कि देश की सबसे पुरानी श्रीरामलीला कमेटी तड़क-भड़क के बजाए सादगी के साथ रामलीला का मंचन करा रही हैं। कमेटी के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आज भी मंचन के दौरान पुरानी परंपरा को जारी रखा गया है। मंचन से पहले व बाद में चांदनी चौक से लेकर मंचन स्थल रामलीला मैदान तक सवारी निकाली जाती है। इलाके के निवासी इस सवारी के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं।