मुकद्दस रमजान का महीना जैसे-जैसे अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है, बाजारों में रौनक और अकीदतमंदों का उत्साह दोगुना होता जा रहा है। शनिवार को 17वां रोजा बीतने के साथ ही उर्दू बाजार और मीना बाजार में चहलकदमी पहले से और अधिक बढ़ गई है। अकीदतमंद एक ओर बाजार से इफ्तार और सहरी के लिए सामान खरीद रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर वह ईद के लिए अभी से तैयारियों में जुट गए हैं।
उर्दू बाजार में लोगों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। मीना बाजार में अकीदतमंद एक दूसरे के पीछे-पीछे रेंगते हुए चल रहे हैं। बाजारों में दोहरी खरीदारी का दौर चल रहा है। एक ओर जहां रोजेदार इफ्तार और सहरी के लिए खजूर, फल, सूतफेनी और मौसमी जूस की खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईद-उल-फितर के लिए नमाजी कुर्ता, टोपी, तस्बीह, इत्र और सुरमा खरीद रहे हैं।
व्यापारियों ने कहा कि इस बार लोग आखिरी समय की भीड़भाड़ से बचने के लिए पहले ही कपड़े, चप्पल और जूते खरीद रहे हैं। बाजार में अकीदतमंदों के कुछ ऐसे समूह भी आ रहे हैं, जो इफ्तार के बाद पुरानी दिल्ली के मुगलिया जायकों का लुत्फ उठाने के लिए आ रहे हैं।
पिछले वर्ष के मुकाबले 20 से 30 फीसदी अधिक होगा मुनाफा
कपड़ा कारोबारी हसन शेख ने बताया कि ग्राहकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले 20 से 30 फीसदी अधिक मुनाफा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बाजार में कुर्ते के कपड़ों की कीमतों में उछाल आया है, इसके बावजूद अकीदतमंद की खरीद क्षमता बढ़ी है।
खजूर कारोबारी मोहम्मद अनीस ने बताया कि खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बाद से खजूर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद भी खजूर की मांग में कोई गिरावट नहीं आई है। रोजेदार पहले के मुकाबले अधिक खजूर की मांग कर रहे हैं। खास तौर पर ईरानी खजूर की।