हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के मामले में इस्तीफ़ा दे चुके केजरीवाल के (पूर्व) कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल की मुश्किलें अभी भी कम नहीं हो रही हैं। देश के 163 पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अधिकारियों ने उन पर समाज के दो समुदायों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने का आरोप लगाया है। इसके पूर्व देश के बौद्ध भिक्षुओं के संगठनों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर राजेंद्र पाल गौतम पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी।
पूर्व अधिकारियों ने एलजी को लिखे पत्र में कहा है कि जिस समय राजेंद्र पाल गौतम ने हिंदू देवी-देवताओं की पूजा न करने और समाज के एक वर्ग के खिलाफ अभद्र बातें कहीं, वे उस समय एक सरकार के कैबिनेट मंत्री होने के कारण संवैधानिक पद पर थे। इस कारण देश की संविधानिक, सामाजिक मान्यताओं का पालन करना उनकी जिम्मेदारी बनती थी। लेकिन राजेंद्र पाल गौतम ने एक विवादित कार्यक्रम में न केवल दो समुदायों को भड़काने वाले बयान दिए, बल्कि इससे सामाजिक अशांति फ़ैल सकती थी। अधिकारियों ने उपराज्यपाल से इस मामले का संज्ञान लेते हुए उन पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र लिखने वालों में पूर्व आईएएस, आईपीएस और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक युद्ध के कारण यह मामला और ज्यादा गरमाता जा रहा है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भाजपा को टक्कर देने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी अपने ही एक पूर्व मंत्री के बयान के कारण बैकफुट पर आ गई है। गौतम के बयानों के सहारे भाजपा केजरीवाल को गुजरात में भी हिंदू विरोधी करार देने की कोशिश कर रही है।