राजेंद्र नगर के राव आईएएस कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के मामले में पुलिस लगभग यह तय मान रही है कि सड़क का ड्रेनेज सिस्टम फेल होने की वजह से घटना हुई। मेन रोड पर हुए जलजमाव के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं और आखिरी बार बड़ा बाजार रोड की सफाई कब हुई थी, इसकी पड़ताल की जा रही है। उधर, बेसमेंट में अवैध रूप से चल रही लाइब्रेरी की जांच के लिए पुलिस ने राव आईएएस कोचिंग सेंटर के चेयरमैन वीपी गुप्ता से मंगलवार को पूछताछ की।
पुलिस की ओर से सोमवार को भेजे गए नोटिस के बाद फिलहाल एमसीडी ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है। पुलिस ने कुछ अधिकारियों को मंगलवार को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन किसी वजह से अधिकारी शामिल नहीं हो पाए। अब बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी।
उधर, पुलिस ने राव आईएएस कोचिंग सेंटर के चेयरमैन वीपी गुप्ता से मंगलवार को पूछताछ की। गुप्ता ने बताया कि वह कोचिंग सेंटर का मालिकाना हक अपनी बेटी व दामाद अभिषेक गुप्ता को दे चुके हैं। पुलिस ने मामले में अभिषेक गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार किया हुआ है।
फिलहाल पुलिस ने वीपी गुप्ता से कोचिंग सेंटर के मालिकाना हक वाले कागजात मांगे हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में अभी तक सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जांच के बाद और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस ने मामले की छानबीन के लिए पांच टीमों का गठन किया हुआ है। हर टीम की अलग-अलग जिम्मेदारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच का जिम्मा अपराध शाखा को सौंपने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी इससे इन्कार कर रहे हैं।
कुछ छात्रों व कोचिंग सेंटर के स्टाफ के बयान दर्ज किए
छानबीन के दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों के अलावा कोचिंग सेंटर के स्टाफ के बयान दर्ज किए। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उस दिन हकीकत में क्या हुआ था। सोमवार को पुलिस ने मामले में 10 लोगों के बयान दर्ज किए थे। मंगलवार को भी एफएसएल की टीम जांच के लिए कोचिंग सेंटर पहुंची। बुधवार को अधिशासी अभियंता और एई से भी पूछताछ की जाएगी कि आखिरी बार सफाई कब हुई और कौन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं। बता दें कि पुलिस ने दर्ज एफआईआर में जिक्र किया है कि सड़क पर ड्रेनेज सिस्टम की वजह से पानी भरा, जो बेसमेंट में घुसा, इसके लिए बेसमेंट का अपना कोई ड्रेनेज सिस्टम भी नहीं था।